अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर
     

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द्वारा: हज़रत मौलाना मुफती हाफिज़ सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,
  महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया, प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर
     
 
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RSP 268 : शबे-खद्रः उत्तमता व विशालता
  निस्संदेह हम ने इस (क़ुरान) को क़द्र की रात में अवतरित किया। तुम्हें क्या मालूम के शबे क़द्र कया है? क़द्र की रात उत्तम है 1000 महीनों से। इस (रात) फरिश्ते और रूह अपने रब के आदेश से हर काम (के प्रबंध) के लिए (धरती पर) उतरते हैं। वह रात पूर्णतः शांति और सलामती है, और वह उषाकाल के उदय होने तक (अपनी बरकतों के साथ) रहती है। (सुरह अल खद्रः 97:1-5)  

 

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