अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर
     

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द्वारा: हज़रत मौलाना मुफती हाफिज़ सैय्यद ज़ियाउद्दीन नक्षबंदी खादरी,
  महाध्यापक, धर्मशास्त्र, जामिया निज़ामिया, प्रवर्तक-संचालक, अबुल हसनात इसलामिक रीसर्च सेन्टर
     
 
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RSP 321 : पावन जन्म - हालात व प्रसंग
  सूर्य को अधिक दीप्तिमान कर दिया गया। सितारे व नक्षत्र धरती के निकट आ गए। चारो ओर नूर ही नूर छा गया है। मलाइ़का स्वागत के लिए उपस्थित हैं। हज़रत मरयम व हज़रत आसिया हूरों के साथ सेवा की कृपा के लिए आ चुकी हैं। उत्कृष्ट व निपुण नूर की आगमन की खुशी में आकाश को दीप्तिमान कर दिया गया। सत्य सुन्दरता की आगमन में धरती को सुशोभित कर दिया गया। पुष्प व फूल महकने लगें, प्रिय व महबूब के आगमन में महासागर की मौजें बुलंद होने लगीं, गर्व से पर्वत की छाती चोड़ी हो गई।  

 

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